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जब आपको सिर्फ किसी से बात करने की जरूरत हो

कभी-कभी हमें समाधान नहीं, बस किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है जो थोड़ी देर ध्यान से सुन सके। मदद मांगने के लिए अपनी पूरी कहानी पहले से तैयार होना जरूरी नहीं है। आप अपनी सहज भाषा में बातचीत शुरू कर सकते हैं और उतना ही साझा कर सकते हैं जितना उस समय आपको ठीक लगे।

जब आपको सिर्फ किसी से बात करने की जरूरत हो

कभी-कभी मन में बहुत कुछ चल रहा होता है, लेकिन हमें तुरंत सलाह या समाधान नहीं चाहिए होता। ऐसे समय में किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना और अपनी बात बिना जल्दबाजी के साझा करना एक सरल शुरुआत हो सकती है।

बात शुरू करने का आसान तरीका

आप किसी भरोसेमंद व्यक्ति से कह सकते हैं: “आज मेरा दिन मुश्किल रहा है। मुझे अभी सलाह नहीं, बस थोड़ी देर बात करने की जरूरत है।” आपको अपनी पूरी स्थिति समझाने या हर बात का जवाब देने की जरूरत नहीं है।

अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि क्या कहना है

बात शुरू करने के लिए सही शब्द ढूंढना मुश्किल हो सकता है। आप बस इतना कह सकते हैं कि आप ठीक महसूस नहीं कर रहे हैं, आपका दिन कठिन रहा है, या आपको किसी की कंपनी चाहिए। बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़ सकती है।

सलाह चाहिए या सिर्फ सुनने वाला?

किसी बातचीत से पहले यह बताना उपयोगी हो सकता है कि आपको किस तरह का सहारा चाहिए। आप कह सकते हैं, “मुझे अभी समाधान नहीं चाहिए, बस कोई मेरी बात सुन ले।” अगर आप सलाह चाहते हैं, तो उसे भी स्पष्ट रूप से बता सकते हैं।

किसी भरोसेमंद व्यक्ति से संपर्क करें

दोस्त, परिवार का सदस्य, सहकर्मी या कोई अन्य भरोसेमंद व्यक्ति आपकी बात सुन सकता है। अगर आपको लगता है कि सामने वाला अभी व्यस्त है, तो आप पहले पूछ सकते हैं कि क्या उसके पास कुछ मिनट बात करने का समय है।

अगर किसी परिचित से बात करना मुश्किल लगे

हर व्यक्ति के लिए दोस्त या परिवार के साथ निजी बातें साझा करना आसान नहीं होता। ऐसी स्थिति में किसी peer group, community या उपयुक्त supportive listening service के बारे में सोचना एक विकल्प हो सकता है।

अपनी सहज भाषा में बात करें

आपको अपनी भावनाओं को किसी खास भाषा या बिल्कुल सही शब्दों में व्यक्त करने की जरूरत नहीं है। Hindi, English या दोनों भाषाओं को अपनी सुविधा के अनुसार इस्तेमाल करना ठीक है। महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपनी बात उस तरीके से कह सकें जिसमें आप सहज महसूस करते हैं।

अगर परेशानी लगातार बनी रहे

एक बातचीत कुछ समय के लिए सहारा दे सकती है, लेकिन लगातार बनी रहने वाली परेशानी के लिए अधिक नियमित सहायता की जरूरत हो सकती है। अगर आपकी परेशानी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो किसी योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करने पर विचार करें।

Listening session और professional care में अंतर

एक सामान्य listening session आपको अपनी बात साझा करने की जगह दे सकता है, लेकिन यह थेरेपी, काउंसलिंग, मेडिकल सलाह, निदान या आपातकालीन सहायता का विकल्प नहीं है। अपनी जरूरत के अनुसार सही प्रकार की सहायता चुनना महत्वपूर्ण है।

तुरंत खतरा हो तो

अगर आप या कोई दूसरा व्यक्ति तत्काल खतरे में है, तो अकेले न रहें और सामान्य listening session का इंतजार न करें। स्थानीय आपातकालीन सेवा या उपयुक्त crisis service से तुरंत संपर्क करें और ऐसे लोगों से सहायता लें जो स्थिति पर सीधे प्रतिक्रिया कर सकते हैं।

मदद मांगना कमजोरी नहीं है

किसी से बात करने की जरूरत महसूस होना अपने आप में असामान्य नहीं है। आपको मदद मांगने के लिए अपनी स्थिति को पूरी तरह समझाने या साबित करने की जरूरत नहीं है। एक छोटा संदेश या कुछ मिनट की बातचीत भी शुरुआत हो सकती है।

आप एक छोटी शुरुआत कर सकते हैं

अगर अभी आपके मन में बहुत कुछ है, तो केवल एक व्यक्ति चुनकर बातचीत शुरू करने की कोशिश करें। आप कह सकते हैं, “मैं कुछ समय से परेशान हूं और किसी से बात करना चाहता हूं।” इसके बाद आप तय कर सकते हैं कि आपको आगे किस तरह का सहारा चाहिए।

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